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आईटीबीपी अधिकारियों ने कानपुर के वरिष्ठ पुलिस अफसर से मुलाकात कर जवान की मां के मेडिकल नेग्लिजेंस मामले में कार्रवाई की मांग की

कानपुर: आईटीबीपी के जवान की मां के साथ कथित चिकित्सकीय लापरवाही के मामले में आज आईटीबीपी के वरिष्ठ अधिकारी कानपुर के शीर्ष पुलिस अधिकारी से मिले और इस मामले में शीघ्र और निष्पक्ष जांच की मांग की। आरोप है कि एक निजी अस्पताल में डॉक्टरों की लापरवाही के कारण जवान की मां के दाहिने हाथ की कटाई करनी पड़ी।

सूत्रों के अनुसार, आईटीबीपी के जवान ने पुलिस प्रशासन को बताया कि इलाज के दौरान डॉक्टरों की समय पर उचित देखभाल न करने के कारण उनकी मां की हालत बिगड़ी और अंततः उनका हाथ कटवाना पड़ा। जवान का आरोप है कि अस्पताल प्रशासन और चिकित्सकों ने आवश्यक सावधानी नहीं बरती और मामले की गम्भीरता को नजरअंदाज किया।

आधिकारिक सूत्रों ने पुष्टि की कि जवान और आईटीबीपी के अधिकारी कानपुर के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक से मिले और मांग की कि इस चिकित्सा लापरवाही की निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई की जाए। पुलिस ने कहा कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है और जल्द ही आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

हॉस्पिटल प्रबंधन की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन मामले के प्रकाश में आने के बाद अस्पताल में जांच शुरू करने की संभावना जताई जा रही है। जवान के परिजन और आईटीबीपी अधिकारियों का कहना है कि ऐसी लापरवाही कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों को कानून के तहत किया जाएगा।

इस घटना ने चिकित्सा सेवा प्रदाताओं की जवाबदेही पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि चिकित्सा व्यापार में मरीज की सुरक्षा सर्वोपरि होनी चाहिए और किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए।

कानपुर पुलिस प्रशासन ने कहा है कि आरोपों की गहराई से जांच कर दोषी पाए जाने वाले अस्पताल के चिकित्सकों और प्रबंधन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसी के साथ मरीजों के हितों की सुरक्षा के लिए भी कदम उठाए जाएंगे।

यह मामला न सिर्फ कानपुर बल्कि पूरे प्रदेश में चिकित्सा क्षेत्र की जवाबदेही पर चर्चा का विषय बना हुआ है। आईटीबीपी जवान के परिवार और अधिकारियों की यह मांग है कि न्याय मिले और अस्पताल प्रशासन भविष्य में इस तरह के मामलों से बचने के लिए कठोर नियम और प्रक्रियाएं अपनाए।

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