मनोरंजन

तमिल नाटक ‘थनिमAI’ में डिजिटल युग का विरोधाभास उजागर

चेन्नई, 27 अप्रैल 2024: कृष्णा गण सभा के समर ड्रामा फेस्टिवल में हाल ही में मंचित तमिल नाटक ‘थनिमAI’ ने डिजिटल युग में व्यक्ति की आंतरिक सोच और समाज से उसकी दूरी को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। इस नाटक ने यह दिखाया है कि कैसे तकनीकी प्रगति और डिजिटल कनेक्टिविटी के बावजूद मानव जीवन में अकेलापन और दूरी बनी रहती है।

‘थनिमAI’ का कथानक इस बात पर केंद्रित है कि डिजिटल दुनिया में सभी तरह की कनेक्टिविटी मौजूद होते हुए भी, व्यक्ति अपने भीतर कहीं अकेला महसूस करता है। नाटक में आधुनिक उपकरणों के जरिए संपर्क की सुविधा और असल जीवन की भावनात्मक दूरी के बीच का विरोधाभास दर्शाया गया है।

नाटककार ने संवाद और चरित्रों के माध्यम से यह संदेश दिया कि तकनीक ने भले ही सहायता और संचार के नए तरीके प्रस्तुत किए हों, परन्तु इससे मानव संबंधों की गहराई में कमी आई है। नाटक का मंचन देखने आए दर्शकों ने इसकी प्रस्तुति की काफी सराहना की। प्रस्तुतकर्ता कलाकारों ने सजीव अभिनय के जरिए इस जटिल विषय को सहजता से समझाने का प्रयास किया।

कृष्णा गण सभा के अधिकारियों ने बताया कि समर ड्रामा फेस्टिवल का उद्देश्य नई सोच और सामाजिक विषयों को मंच प्रदान करना है। ‘थनिमAI’ नाटक इस मकसद को पूरी तरह पूरा करता नजर आया। इस नाटक के माध्यम से दर्शकों को डिजिटल युग के धन और हानि दोनों पक्षों को समझने का मौका मिला।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार के नाटक सामाजिक जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। डिजिटल युग में जब हर इंसान स्क्रीन से जुड़ा नजर आता है, तब अकेलेपन और सामाजिक दूरी के मुद्दे और भी अधिक प्रासंगिक हो जाते हैं। ‘थनिमAI’ नाटक ने इन दिक्कतों पर प्रकाश डालकर दर्शकों को सोचने पर मजबूर किया है कि कैसे तकनीक का सही और संतुलित उपयोग किया जाना चाहिए।

कुल मिलाकर, ‘थनिमAI’ तमिल रंगमंच में एक महत्वपूर्ण कृति के रूप में उभरा है, जिसने डिजिटल युग की वास्तविकता और उससे जुड़ी आध्यात्मिक चुनौतियों को प्रभावी रूप से प्रस्तुत किया है। यह नाटक दर्शकों के लिए एक महत्वपूर्ण संदेश लेकर आया है कि तकनीक के लाभों के साथ-साथ हमें अपने मानव संबंधों को भी संजोना होगा।

Source

Back to top button