तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में मतदान करने वाले विदेशी नागरिकों की जांच शुरू

देश में चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए केंद्रीय तथा राज्य कानून प्रवर्तन एजेंसियां मिलकर काम कर रही हैं। हाल ही में तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के संदर्भ में विदेशी नागरिकों द्वारा मतदान किए जाने की आशंका के बीच इसकी गहन जांच की जा रही है। इस संबंध में भारत निर्वाचन आयोग ने कई सहयोगी एजेंसियों से विशेष सहायता मांगी है।
जाँच में यह पाया गया है कि कुछ विदेशी नागरिक राज्य में चुनाव से पहले आते हैं और मात्र दो से तीन दिन के भीतर मतदान होने के बाद वापस अपने देश चले जाते हैं। ऐसे संदिग्ध मामलों को लेकर आयोग ने आव्रजन ब्यूरो से विशेष मदद मांगी है ताकि विदेशी नागरिकों की पूरी जानकारी हासिल की जा सके। अभियुक्तों की पहचान, गतिशीलता और उनकी प्रविष्टि-निर्गमन की समय-सीमा का विश्लेषण किया जा रहा है।
केंद्रीय जांच एजेंसियां तमिलनाडु पुलिस के सहयोग से इस मामले की बारीकी से जांच कर रही हैं। एक अधिकारी ने बताया कि इस प्रक्रिया में सभी संभावित विदेशी मतदाताओं की सूची तैयार की जाएगी तथा उनके चुनाव में शामिल होने के तर्क तथा वैधता की पड़ताल की जाएगी। भारत में कानून स्पष्ट रूप से विदेशी नागरिकों को मतदान अधिकार नहीं देता, इसलिए यदि कोई ऐसा करता है तो यह गंभीर अपराध माना जाएगा।
सूत्रों के अनुसार, आयात-निर्यात और प्रवासन रिकॉर्ड की जांच से पता चला है कि इन विदेशी नागरिकों के आने-जाने की गति असामान्य रूप से चुनावी तिथियों के आसपास केंद्रित है। इससे यह आशंका बढ़ रही है कि यह समूह चुनाव प्रक्रिया में गड़बड़ी कर सकता है। इसके चलते वर्तमान में संशोधित नियमों और कड़े नियंत्रणों को लागू करने की भी योजना बनाई जा रही है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
निर्वाचन आयोग की ओर से कहा गया है कि वे चुनाव की निष्पक्षता को सुनिश्चित करने के लिए हर संभव कदम उठा रहे हैं। किसी भी तरह के वैध मतदान अधिकार के बिना विदेशी नागरिकों द्वारा मतदान पाए जाने पर संबंधित एजेंसियां सख्त कार्रवाई करेंगी। इस मामले में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें उनका मतदान रद्द करना, जुर्माना लगाना और वांछित व्यक्ति घोषित करना शामिल होगा।
राज्य सरकार ने भी चुनावी प्रक्रिया की सुरक्षा को प्राथमिकता दी है और इस दिशा में सभी कानून प्रवर्तन एजेंसियों से साथ मिलकर काम कर रही है। तमिलनाडु में मतदान प्रणाली की पारदर्शिता के लिए लगातार निगरानी रखी जा रही है ताकि लोकतंत्र की मूल भावना की रक्षा हो सके।
इस जांच को लेकर आम जनता में भी जागरूकता बढ़ाने की जरूरत बताई जा रही है ताकि वे किसी भी अनियमितता की सूचना चुनाव आयोग या संबंधित अधिकारियों को दे सकें और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित हो सके। इस तरह के प्रयास इस बात का संकेत हैं कि भारतीय निर्वाचन तंत्र मजबूत और सुरक्षित है, जहां कोई भी गैरकानूनी गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी।