भारत और यूके ने बेहतर सहयोग और तकनीक साझा करने के लिए क्रिटिकल माइनरल्स ग्लोबल सप्लाई चेन ऑब्जर्वेटरी लॉन्च की

नई दिल्ली। अक्टूबर पिछले वर्ष घोषित की गई क्रिटिकल माइनरल्स ग्लोबल सप्लाई चेन ऑब्जर्वेटरी (Critical Minerals Global Supply Chain Observatory) का उद्देश्य खनिज कवरिंग का विस्तार करना और उन्नत तकनीकों को एकीकृत करना है। भारत और यूनाइटेड किंगडम (यूके) ने इस पहल की शुरुआत की है, जिसका मकसद दो देशों के बीच खनिज संसाधनों के क्षेत्र में बेहतर सहयोग स्थापित करना और तकनीकी जानकारी का आदान-प्रदान करना है।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस ऑब्जर्वेटरी के माध्यम से वैश्विक खनिज आपूर्ति श्रृंखला की पारदर्शिता बढ़ेगी, जो कि इलेक्ट्रॉनिक, ऊर्जा और विभिन्न महत्वपूर्ण उद्योगों के लिए अत्यंत आवश्यक है। यह परियोजना दोनों देशों के पारिस्थितिक तंत्रीय हितों की पूर्ति करते हुए एक स्थायी और भरोसेमंद नेटवर्क स्थापित करेगी।
भारत और यूके के अधिकारियों ने कहा है कि यह पहल दोनों देशों के लिए आर्थिक और तकनीकी लाभ प्रदान करेगी और वैश्विक स्तर पर खनिज संसाधनों के प्रबंधन और संरक्षण में नई क्रांति लाएगी। ऑब्जर्वेटरी में नवीनतम तकनीकों का उपयोग सही डेटा संग्रह और विश्लेषण के लिए किया जाएगा, जिससे नीति निर्धारण आसान होगा।
इस सहयोग से न केवल खनिजों की उपलब्धता सुनिश्चित होगी, बल्कि उनका पर्यावरण के अनुकूल दोहन और पुनर्चक्रण भी संभव बनेगा। विशेषज्ञ मानते हैं कि यह परियोजना भारत और यूके को इस क्षेत्र में वैश्विक गवर्नेंस में अग्रणी भूमिका निभाने में सक्षम बनाएगी।
क्रिटिकल माइनरल्स ग्लोबल सप्लाई चेन ऑब्जर्वेटरी के तहत दोनों देशों के वैज्ञानिक, उद्योग विशेषज्ञ और नीति निर्माता मिलकर काम करेंगे ताकि आपूर्ति श्रृंखला मजबूत और विश्वसनीय बन सके। इसके अलावा, तकनीकी नवाचार और अनुसंधान को भी बढ़ावा मिलेगा।
भारत सरकार के ऊर्जा और खनिज विभाग ने इस परियोजना को घरेलू और वैश्विक स्तर पर रणनीतिक महत्व वाला कदम करार दिया है। वहीं, यूके के संबंधित राजनीतिक प्रतिनिधियों ने भी इसे रणनीतिक साझेदारी की दिशा में सफल प्रयास बताया है।
अत: यह पहल दोनों देशों की आर्थिक वृद्धि, तकनीकी विकास और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर बनने जा रही है। भविष्य में इसके सकारात्मक प्रभाव वैश्विक बाजार में भी दिखाई देंगे, जिससे अन्य देश भी इस प्रयास का हिस्सा बनने के इच्छुक होंगे।