चेन्नई से लगभग 200 जॉयराइड घोड़ों के नमूने गुल्डर्स जांच के लिए हरियाणा भेजे गए

चेन्नई, 26 अप्रैल: चेन्नई में जॉयराइड घोड़ों की एक मौत के बाद उठे चिंताओं के बीच, लगभग 200 घोड़ों के नमूने गुल्डर्स नामक अत्यंत संक्रामक बैक्टीरियल रोग की जांच के लिए हरियाणा भेजे गए हैं। यह कदम स्थानीय पशु स्वास्थ्य विभाग द्वारा उठाया गया है ताकि बीमारी के प्रसार को रोकने और सही निदान किया जा सके।
गुल्डर्स, जो कई बार घोड़ों और अन्य कठोरपशुओं में संक्रमण का कारण बनता है, मनुष्यों के लिए भी खतरा हो सकता है। इस कारण इसे गंभीरता से लिया जा रहा है। पिछले दिनों शहर के एक जॉयराइड घोड़े में यह रोग पाया गया था और उसकी मौत हो गई। इसके बाद अधिकारियों ने रोग नियंत्रण के लिए तत्काल कदम उठाए।
चेन्नई पशुपालन विभाग ने इस संबंध में बताया कि जांच के लिए भेजे गए नमूनों में घोड़ों के साथ ही उनसे जुड़े हैंडलरों के नमूने भी शामिल हैं। इससे संक्रमण के स्रोत और जोखिम का विश्लेषण किया जाएगा। स्थानीय अधिकारियों का मानना है कि यह जांच संक्रमण की श्रृंखला को समझने में मदद करेगी।
शहर के जॉयराइड व्यवसायी और जनता में रोग के प्रति चिंता बढ़ गई है। विभिन्न संगठनों और पशु चिकित्सकों ने संक्रमण को रोकने एवं उचित सावधानियां बरतने के लिए सतर्क रहने की अपील की है। पशु स्वास्थ्य विभाग ने भी घोड़ों की नियमित जांच और साफ-सफाई का विशेष निर्देश दिया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि गुल्डर्स का समय पर पता लगाना और उचित उपचार आवश्यक है ताकि संक्रमण अन्य घोड़ों और मानवों में फैलने से रोका जा सके। चेन्नई में हुई यह घटना पशुपालन निकायों के लिए सतर्कता का कारण बनी है।
अधिकारी इस बात पर भी ध्यान केंद्रित कर रहे हैं कि भविष्य में ऐसी घटनाएं पुनः न हों और इस रोग के संबंध में जागरूकता बढ़ाई जाए। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध लक्षण की सूचना तत्काल दें, जिससे रोग नियंत्रण संभव हो सके।
यह मामला चेन्नई में संगठित जॉयराइड व्यापार और पशु स्वास्थ्य प्रबंधन के लिए एक चुनौती पेश करता है। समय रहते आवश्यक कार्रवाई से ही इस जानलेवा बीमारी के प्रसार को रोका जा सकता है। स्थानीय प्रशासन इस दिशा में पूरी तरह से सक्रिय और सतर्क है।