पेट्रोल और डीजल के दाम आठ दिनों में तीसरी बार बढ़े; नई दरों में करीब 90 पैसे की बढ़ोतरी

नई दिल्ली: पेट्रोल और डीजल के दामों में आज तीसरी बार बढ़ोतरी की गई है। राजधानी दिल्ली में पेट्रोल की कीमत में 87 पैसे की बढ़ोतरी के साथ अब इसका भाव ₹99.51 प्रति लीटर हो गया है, जबकि डीजल की कीमत 91 पैसे बढ़कर ₹92.49 प्रति लीटर हो गई है। यह परिवर्तन उपभोक्ताओं के लिए चिंता का विषय बना हुआ है क्योंकि लगातार बढ़ती कीमतें घरेलू बजट पर असर डाल रही हैं।
पिछले कुछ दिनों में तेल उत्पादों की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में बदलाव के साथ-साथ भारत सरकार द्वारा लगाए गए टैक्स और रिटेलर के मुनाफे को ध्यान में रखते हुए इन दामों में बढ़ोतरी या कटौती की जाती है। केंद्र सरकार की ओर से अब तक परिवहन तथा कृषि क्षेत्रों के लिए कोई राहत योजना पेश नहीं की गई है, जिससे किसानों और आम जनता को भारी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि पेट्रोल और डीजल के दामों में यह वृद्धि न केवल निजी वाहनों के खर्चे को बढ़ाएगी, बल्कि परिवहन लागत में इजाफा होने से आवश्यक वस्तुओं की कीमतों पर भी असर पड़ेगा। इससे महंगाई दर और बढ़ने की संभावना है, जो पहले से ही देश की अर्थव्यवस्था पर दबाव डाल रही है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, पेट्रोलियम उत्पादों पर विभिन्न स्तरों पर कर वसूला जाता है, जिसमें केंद्रीय उत्पाद शुल्क और कीमत में राज्य स्तर पर वैट शामिल हैं। इन टैक्स के कारण उपभोक्ताओं को बाजार दर से कई गुना अधिक दाम चुकाने पड़ते हैं। इसके अलावा, तेल कंपनियां भी अपने मुनाफे को लगातार बढ़ा रही हैं, जो अंत में आम जनता को भारी पड़ रहा है।
उपभोक्ता संगठन इस बढ़ोतरी के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं और सरकार से अपील कर रहे हैं कि वह इस मसले को लेकर तुरंत कदम उठाए ताकि आम जनता की आर्थिक स्थिति पर इसका बुरा प्रभाव न पड़े। वहीं विपक्षी दलों ने भी केंद्र सरकार की तेल नीति को कटघरे में रखा है और इसे चुनावी मुद्दा बनाते हुए केंद्र को कठोर आलोचना का निशाना बनाया है।
इस बीच, विशेषज्ञ सुझाव देते हैं कि उपभोक्ताओं को ईंधन की बचत और सार्वजनिक परिवहन का उपयोग बढ़ाने की जरूरत है ताकि वे ईंधन की बढ़ती कीमतों का सामना कर सकें। साथ ही, सरकार से भी यह उम्मीद जताई जा रही है कि वह स्थायी और समावेशी नीतियां बनाए जो लगातार बढ़ती कीमतों को नियंत्रित करने में मदद करें।
यह तीसरी बार है जब केवल आठ दिनों के भीतर पेट्रोल और डीजल की कीमतों में इतनी बड़ी बढ़ोतरी हुई है, जो दर्शाता है कि ईंधन की कीमतें एक बार फिर से आम भारतीय की जेब पर बोझ बनती जा रही हैं। लगातार बढ़ती महंगाई के बीच यह कदम देश की आर्थिक स्थिरता के लिए चिंता का विषय है।