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झारखंड में SIR से पहले 2003 के मतदाता सूची से 75% वोटर मैपिंग: CEO

झारखंड चुनाव आयोग के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) ने शुक्रवार को बताया कि 23 मई 2026 से सभी मतदान केंद्रों पर उन सभी मतदाताओं की सूची प्रदर्शित की जाएगी जिनका मैपिंग अभी तक नई मतदाता सूची से नहीं हुई है। यह कदम मतदान प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए उठाया गया है।

CEO ने बताया कि 2003 के मतदाता सूची से लगभग 75% वोटर को सफलतापूर्वक वर्तमान मतदाता सूची से मैच किया जा चुका है। यह प्रक्रिया राज्य में मतदाता पहचान को सुदृढ़ करने और वोटर लिस्ट की विश्वसनीयता बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण है। 

उन्होंने कहा कि जिन मतदाताओं की पहचान नई सूची में नहीं हुई है, उनकी सूची को शनिवार से सभी मतदान बूथों पर सार्वजनिक कर दिया जाएगा ताकि वे अपने रिकॉर्ड को जांच सकें और आवश्यक सुधार करा सकें। यह पहल इसलिए की जा रही है ताकि आगामी चुनाव में हर योग्य मतदाता को बिना किसी बाधा के मतदान का अधिकार मिल सके।

निर्वाचन आयोग ने मतदाताओं से अपील की है कि वे बूथ पर जाकर अपनी स्थिति की जानकारी लें और यदि कोई त्रुटि या असंगति हो तो उसे तत्काल सुधारें। मतदाता सूची में त्रुटि दूर करने के लिए विशेष हेल्पलाइन सेवाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं।

राज्य में आगामी चुनाव को देखते हुए यह कदम निर्वाचन प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी और दोषरहित बनाने का प्रयास है। इससे मतदाताओं में सुधार प्रक्रिया के प्रति विश्वास बढ़ेगा और चुनावों की विश्वसनीयता में भी सुधार होगा।

CEO ने यह भी बताया कि निर्वाचन आयोग लगातार मतदाताओं की संख्या और सूची की जांच कर रहा है ताकि आगामी SIR (Special Summary Revision) के समय एक पूरी तरह अपडेट और सत्यापित मतदाता सूची उपलब्ध हो सके। उन्होंने निर्वाचन प्रक्रिया में सभी नागरिकों की सक्रिय भागीदारी की भी अपील की।

इस प्रकार, मतदाता सूची के अपरिवर्तित और अद्यतन सटीक रिकॉर्ड के माध्यम से झारखंड में चुनाव प्रक्रिया को और अधिक विश्वसनीय और सुव्यवस्थित बनाया जा रहा है। सभी मतदाता अपने अधिकारों का प्रयोग सुनिश्चित करें और समय-समय पर जारी सूचनाओं पर ध्यान दें।

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