CBSE ने स्कैन की गई उत्तर पुस्तिका अनुरोध की अंतिम तिथि 25 मई तक फिर बढ़ाई

नई दिल्ली। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने छात्रों द्वारा उत्तर पुस्तिका की स्कैन की गई प्रतियां प्राप्त करने में आ रही समस्याओं को ध्यान में रखते हुए, उसके अनुरोध की अंतिम तिथि को 25 मई मध्यरात्रि तक बढ़ा दिया है। यह फैसला कई छात्रों की शिकायतों के बाद लिया गया है, जिन्होंने बीते दिनों पोर्टल पर उत्तर पुस्तिका की प्रतियां डाउनलोड करने में तकनीकी और अन्य दिक्कतों की बात कही थी।
इससे पहले CBSE ने इस अंतिम तिथि को 22 मई से बढ़ाकर 23 मई, फिर 24 मई तक कर दिया था, लेकिन बढ़ती समस्याओं को देखते हुए अब 25 मई का नया डेडलाइन तय किया गया है। बोर्ड ने अपने आधिकारिक बयान में कहा है कि छात्र अपने उत्तर पुस्तिका की स्कैन कॉपी प्राप्त करने के लिए इस अवधि के भीतर अपने अनुरोध पोर्टल पर दर्ज करा सकते हैं।
छात्रों से CBSE ने अपील की है कि वे समय से पहले ही अपने स्कैन की गई उत्तर पुस्तिका प्राप्त करने के लिए आवश्यक प्रक्रियाओं को पूरा कर लें ताकि अंतिम दिनों में तकनीकी खामियों से बचा जा सके। साथ ही, बोर्ड ने इस प्रक्रिया को सुचारू और पारदर्शी बनाने के लिए अपने तकनीकी सहायता केंद्रों को भी सक्रिय किया है, जिससे छात्रों को कोई परेशानी नहीं हो।
पिछले कुछ वर्षों में, परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और छात्र सुविधाओं को बढ़ाने के लिए उत्तर पुस्तिका की स्कैन कॉपी प्रदान करने की सुविधा शुरू की गई है। इस सेवा के तहत छात्र अपनी लिखित उत्तर पुस्तिकाओं की डिजिटल प्रति ऑनलाइन माध्यम से प्राप्त कर सकते हैं, जो मूल्यांकन की निष्पक्षता का एक मजबूत माध्यम है।
हालांकि, इस बार भी कई छात्र इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए संघर्ष कर रहे थे, खासतौर पर पोर्टल की तकनीकी दिक्कतों के कारण। कई छात्रों ने सोशल मीडिया पर भी इस संबंध में अपनी शिकायतें व्यक्त कीं, जिसे बोर्ड ने गंभीरता से लेते हुए तिथि बढ़ाने का फैसला किया।
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की घोषणाएं छात्रों के लिए राहत लेकर आती हैं, क्योंकि परीक्षाओं के बाद अपनी उत्तर पुस्तिका की स्कैन कॉपी प्राप्त करना उनके प्रदर्शन का आकलन करने और भविष्य के लिए तैयारी करने में मदद करता है।
इसके साथ ही, CBSE ने छात्रों को सलाह दी है कि वे आधिकारिक वेबसाइट से ही सभी अपडेट प्राप्त करें और समय-समय पर अपडेटेड निर्देशों का पालन करें। बोर्ड की यह पहल शैक्षणिक पारदर्शिता और छात्रों के विश्वास को बढ़ावा देने की दिशा में अहम कदम है।
निष्कर्षतः, प्रवेश प्राधिकरण द्वारा परीक्षार्थियों के हित में अंतिम तिथि में लगातार विस्तार यह दर्शाता है कि बोर्ड छात्रों की सुविधा और समस्याओं को समझते हुए उचित समाधान प्रदान करने की पूरी कोशिश कर रहा है। इस कदम से यह उम्मीद की जा रही है कि सभी छात्र अपनी स्कैन की गई उत्तर पुस्तिका आरामदायक तरीके से प्राप्त कर सकेंगे।