CBSE ने किया Portal की सुरक्षा के समझौते के दावे का खंडन

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने उस दावे का कड़ा खंडन किया है जिसमें कहा गया था कि उसके मार्किंग पोर्टल की सुरक्षा प्रणाली में सुरक्षा कमजोरियाँ पाई गई हैं। इस दावे को एक एथिकल हैकर ने फरवरी महीने में CERT-In को सूचित किया था। बोर्ड की ओर से जारी की गई आधिकारिक टिप्पणी में यह स्पष्ट किया गया कि पोर्टल की सुरक्षा उतनी मजबूत है जितनी आवश्यक है और किसी भी प्रकार की सेंधमारी नहीं हुई है।
एथिकल हैकर ने जो सुरक्षा संबंधी खामियां रिपोर्ट की थीं, बोर्ड ने उन पर संज्ञान लेते हुए अपने तकनीकी विभाग को जांच के लिए निर्देशित किया था। बोर्ड के प्रवक्ता के अनुसार, “हमने सुरक्षा जांच के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए हैं और इससे संबंधित कोई भी परिस्थिति हमारे पोर्टल की साख और विश्वसनीयता को प्रभावित नहीं करती।”
बोर्ड का यह बयान उस समय सामने आया है जब शिक्षा जगत में डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की सुरक्षा पर सवाल उठने लगे हैं। पिछले कुछ सप्ताहों में कई शैक्षणिक संस्थानों ने अपनी डिजिटल सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। CBSE ने यह भी कहा कि छात्र और अभिभावक निःसंकोच रूप से अपने परिणामों को देख सकते हैं और बोर्ड द्वारा जारी सभी सूचनाएं आधिकारिक और विश्वसनीय हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि डिजिटल सुरक्षा के क्षेत्र में निरंतर निगरानी और अपडेट आवश्यक हैं, जिसके लिए बोर्ड द्वारा उठाए गए कदम सराहनीय हैं। साथ ही, CERT-In जैसी सरकारी एजेंसियां सुरक्षा उल्लंघनों की रिपोर्ट आने पर तत्परता से जांच करती हैं, जिससे पूरी प्रणाली की विश्वसनीयता बनी रहती है।
बोर्ड ने आम जनता से भी आग्रह किया है कि वे अफवाहों पर विश्वास करने के बजाय केवल आधिकारिक स्रोतों से ही जानकारी प्राप्त करें। इसके अलावा CBSE ने तकनीकी टीम को तगड़ा करने और उल्लंघनों को रोकने के लिए नए उपाय लागू करने का आश्वासन भी दिया है। यह कदम छात्रों और उनके परिवारों के लिए पिछले वर्षों की तरह एक विश्वसनीय और सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लिए जा रहे हैं।
अंत में, CBSE की यह पुष्टि इस बात को दर्शाती है कि शिक्षण बोर्ड अपने डिजिटल प्लेटफॉर्म की सुरक्षा और विश्वसनीयता को लेकर पूरी तरह सतर्क है और छात्रों के हित में सभी आवश्यक कार्रवाई करता रहेगा।