राष्ट्रीय

परिवारों से पोषण सुधार के लिए फोर्टिफाइड चावल अपनाने की अपील

देशभर में पोषण स्तर सुधारने के लिए परिवारों से फोर्टिफाइड चावल के उपयोग को बढ़ावा देने की अपील की जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि फोर्टिफाइड यानी पोषित चावल में आवश्यक विटामिन और खनिज मिलाए जाते हैं, जो सामान्य चावल की तुलना में बेहतर पोषण प्रदान करता है। इस पहल का उद्देश्य खासतौर पर कम आय वाले परिवारों में पोषण की कमी को दूर करना है।

सरकारी और गैर-सरकारी एजेंसियां मिलकर फोर्टिफाइड चावल को घरेलू स्तर पर स्वीकार्य और सुलभ बनाने के लिए काम कर रही हैं। यह चावल आयरन, विटामिन B12, फोलेट और जस्ता जैसे महत्वपूर्ण पोषक तत्वों से समृद्ध होता है। विशेषज्ञों का कहना है कि देश में पोषण की कमी के कारण बचपन में कुपोषण और एनीमिया जैसी स्वास्थ्य समस्याएं आम हो रही हैं। फोर्टिफाइड चावल इन समस्याओं को कम करने में मददगार साबित हो सकता है।

स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, भारत में करीब 50% बच्चे और महिलाएं एनीमिया से प्रभावित हैं। इसके पीछे मुख्य कारण पोषण की कमी है। फोर्टिफाइड चावल को सामान्य चावल के साथ मिलाकर खाने से दैनिक आवश्यक पोषक तत्व आसानी से प्राप्त हो जाते हैं, जिससे हड्डी, मस्तिष्क और रक्त स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में सहायता मिलती है।

परिवारों को फोर्टिफाइड चावल के उपयोग के प्रति जागरूक करने के लिए सरकार ने विभिन्न अभियान शुरू किए हैं। स्वास्थ्य कर्मचारियों और स्थानीय अधिकारियों द्वारा गांवों और शहरों में इस चावल के फायदे समझाने का कार्य किया जा रहा है। इसके अलावा बाजार में फोर्टिफाइड चावल की उपलब्धता बढ़ाने के लिए कई उत्पादकों ने इस परंपरा को अपनाना शुरू कर दिया है।

विशेषज्ञों ने यह भी सुझाव दिया है कि फोर्टिफाइड चावल का नियमित उपयोग लोगों के भोजन में पोषण का स्तर बढ़ाता है, जिससे उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि होती है। साथ ही यह बच्चों के स्वस्थ विकास और महिलाओं की सेहत के लिए भी महत्वपूर्ण है।

परिवारों से अपील है कि वे गुणात्मक भोजन के प्रति सजग रहें और पोषण स्तर बढ़ाने के लिए फोर्टिफाइड चावल को अपने आहार में शामिल करें। इससे न केवल व्यक्तिगत स्वास्थ्य बेहतर होगा, बल्कि पूरे परिवार का सेहतमंद जीवन सुनिश्चित होगा।

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