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नीट पेपर लीक: CBI और सरकारी अधिकारियों ने संसदिय समिति को जून 21 पुनर्परीक्षा में लीक रोकने के उपायों से अवगत कराया

नई दिल्ली। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) के निदेशक ने संसद की विशेष समिति को नीट पेपर लीक मामले की जांच में हुई प्रगति की जानकारी देते हुए बताया कि अब तक कई आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है और शेष आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पूरी कोशिशें जारी हैं। सूत्रों के अनुसार, जांच एजेंसी ने इस गंभीर मामले में अनेक महत्वपूर्ण सुराग जुटाए हैं जिससे जल्द ही मामले का पर्दाफाश होगा।

नीट जून 2021 की पुनर्परीक्षा के दौरान हुए पेपर लीक ने हजारों अभ्यर्थियों के सपनों को झकझोर दिया था। इस अप्रिय घटना के बाद सरकार और केंद्रीय एजेंसियां इस कांड की तह तक पहुंचने के लिए सतत सक्रिय हैं। CBI ने विभिन्न चरणों में जांच कर कई संदिग्धों के नेटवर्क को उजागर किया है। जांच टीम ने अब तक 10 से अधिक व्यक्तियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की है, जिनमें कुछ पूर्व परीक्षा केंद्र अधिकारी तथा अन्य संदिग्ध शामिल हैं।

संसदिय समिति को ध्यान में रखते हुए, अधिकारियों ने साफ किया कि पेपर लीक रोकने के लिए केंद्रीय और राज्य सरकारों ने मिलकर कई कड़े उपाय लागू किए हैं। इन उपायों में परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा बढ़ाना, पेपर ट्रांसपोर्टेशन की प्रक्रिया को सख्त बनाना तथा जांच एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना शामिल है। जांच एजेंसी वर्तमान में संदेहियों के अतिरिक्त नेटवर्क की जांच कर रही है, जिससे कि सभी संलिप्त व्यक्ति न्यायालय के सामने लाए जा सकें।

सूत्रों ने बताया कि इस केस में जांच को तेजी से आगे बढ़ाने और सत्यापन के लिए अनेक तकनीकी साधनों का इस्तेमाल किया जा रहा है। डिजिटल फॉरेंसिक, मोबाइल डेटा विश्लेषण तथा बैंक ट्रांजेक्शन की जांच से पेपर लीक में संलिप्त समूह के गढ़ तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है। इसके साथ ही, सरकार इस घटना की पुनरावृत्ति रोकने के लिए परीक्षा प्रणाली में और भी सुधार करने पर विचार कर रही है।

विदित हो कि नीट जैसी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा में पेपर लीक न केवल अभ्यर्थियों के अधिकारों का हनन करता है, बल्कि सरकारी परीक्षा प्रणाली पर भी प्रश्नचिह्न लगाता है। इसलिए, इस मामले में पूरी पारदर्शिता तथा त्वरित कार्रवाई की मांग निरंतर उठती रही है। CBI और अन्य संबंधित संस्थान इस जिम्मेदारी को बखूबी निभा रहे हैं ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की अनियमितता न हो।

अंत में, CBI निदेशक ने समिति को भरोसा दिलाया कि दोषियों को कानूनी दायरे में लाना प्राथमिकता होगी और शिक्षा प्रणाली में विश्वास बनाए रखने के लिए यह जांच पूरी पारदर्शिता एवं निष्पक्षता के साथ पूरी की जाएगी। सरकार ने भी इस मामले को लेकर स्पष्ट किया है कि शिक्षा संस्थानों की संIntegrity और निष्पक्षता बनाए रखना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।

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