मुख्यमंत्री विजय ने समावेशी और भ्रष्टाचारमुक्त सरकार का वादा किया

तिरुचिरापल्ली। मुख्यमंत्री विजय ने तिरुचि ईस्ट और चेन्नई के पेरम्बुर विधानसभा क्षेत्र के मतदाताओं का धन्यवाद करने के लिए आयोजित एक जनसभा में कहा कि उनकी सरकार कभी धर्मनिरपेक्षता, राज्य के अधिकारों, नदी जल साझा करने और सामाजिक न्याय पर समझौता नहीं करेगी।
मुख्यमंत्री ने सभा को संबोधित करते हुए उक्त विषयों पर अपनी सरकार के दृढ़ संकल्प को दोहराया। उन्होंने कहा कि देश की विविधता और एकता दोनों को कायम रखना उनकी प्राथमिकता है और वे सभी समुदायों के लिए समान अवसर सुनिश्चित करेंगे। उन्होंने यह भी ज़ोर दिया कि राज्य की स्वायत्तता और संसाधनों का न्यायसंगत उपयोग उनकी सरकार की नीतियों का मूल है।
उन्होंने कहा, “हमने जिस तिरुइचिरापल्ली ईस्ट निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव जीता है, वहां के मतदाताओं ने हमें अपने विश्वास और उम्मीदों का बीड़ा सौंपा है, जिसे हम पूरी ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ निभाएंगे। हमारी सरकार भ्रष्टाचार के विरुद्ध कड़ा रुख रखती है और योजनाओं के क्रियान्वयन में निष्पक्षता सुनिश्चित करेगी।”
मुख्यमंत्री ने सामाजिक न्याय पर विशेष बल देते हुए कहा कि पिछड़े वर्गों, दलितों तथा अन्य वंचितों के विकास और प्रगति के लिए खास योजनाएं चलाई जाएंगी, ताकि हर व्यक्ति समाज के विकास में भागीदार बन सके। उन्होंने कहा कि नदी जल के विकेन्द्रीकरण और equitable वितरण से किसानों और आम जनता को लाभ पहुंचेगा।
राज्य के विभिन्न हिस्सों के मतदाताओं का आभार व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार लगातार जनता के कल्याण के लिए काम करेगी। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं और प्रशासन को आगामी चुनौतियों से निपटने के लिए तत्पर रहने का निर्देश दिया।
देश में धर्मनिरपेक्ष मूल्यों के टिकाऊ होने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता पर प्रकाश डालते हुए, मुख्यमंत्री विजय ने सभी सामाजिक एवं धार्मिक समूहों को साथ लेकर राज्य विकास के मार्ग पर आगे बढ़ने का आह्वान किया। तिरुचि में आयोजित इस सार्वजनिक बैठक में बड़ी संख्या में नागरिक शामिल हुए, जिन्होंने मुख्यमंत्री के भाषण का स्वागत किया और उनके सुशासन के वादे पर भरोसा जताया।