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कोलकाता की धरोहर प्रकाश परियोजना अमृतसर के खालसा कॉलेज के साथ पूरे भारत में विस्तार कर रही है

कोलकाता के ऐतिहासिक स्थलों को रात में आकर्षक प्रकाशों से सजाने वाला प्रसिद्ध मुदार पाथेर्या का प्रकाश परियोजना अब राष्ट्रीय स्तर पर फैल रही है। इस परियोजना का विस्तार भारत के विभिन्न हिस्सों में किया जा रहा है और इसकी शुरुआत अमृतसर के विशाल खालसा कॉलेज परिसर से हो रही है।

कोलकाता की शहरी विरासत को नई पहचान देने वाली इस परियोजना ने स्थानीय और वैश्विक स्तर पर विशेष रुचि उत्पन्न की है। रात के समय कोलकाता के प्रमुख ऐतिहासिक इमारतें और स्मारक अब अत्याधुनिक रंगीन और नाटकीय प्रकाशों से रोशन हो जाते हैं, जो उनके सांस्कृतिक महत्व को उजागर करते हैं और पर्यटकों को भी आकर्षित करते हैं।

मुदार पाथेर्या ने इस परियोजना को बड़े पैमाने पर लागू करने की योजना तैयार की है ताकि देश के अन्य ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्थलों को भी इस तरह के संवादात्मक और दर्शनीय प्रकाशों के ज़रिए नई जान दी जा सके। अमृतसर के खालसा कॉलेज में इस महत्त्वपूर्ण मुहिम की शुरुआत इस बात का प्रतीक है कि कैसे कोलकाता की एक अनूठी पहल पूरे भारत में सांस्कृतिक विरासत संरक्षण और संवर्धन में मदद कर रही है।

खालसा कॉलेज, जोकि पंजाब के सबसे प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों में से एक है, उसके परिसर में स्थापित इन नवीनतम प्रकाशों से इसे और भी आकर्षक और जीवंत बनाया जाएगा। यह न केवल विद्यार्थियों और स्थानीय लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा, बल्कि पर्यटकों के लिए भी एक नया आकर्षण केंद्र विकसित करेगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना भारत की समृद्ध सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहर को नए ढंग से प्रस्तुत करने में सहायक होगी। साथ ही यह स्थानीय अर्थव्यवस्था और पर्यटन क्षेत्र को भी मजबूती प्रदान करेगी। विकास और संरक्षण के इस संयोजन से भारत की सांस्कृतिक पहचान को मजबूती मिलेगी, जिससे नयी पीढ़ी को भी अपनी विरासत से जोड़ा जा सकेगा।

आने वाले महीनों में मुदार पाथेर्या की इस परियोजना को भारत के अन्य महत्वपूर्ण स्थलों जैसे जयपुर, मुंबई, और हैदराबाद में भी लागू किए जाने की योजना है। इस पहल से भारतीय शहरों की खूबसूरती और इतिहास को एक नए प्रकाश में देखा जाएगा, जो राष्ट्रीय सम्मान और गौरव को भी बढ़ावा देगा।

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