हैदराबाद में 20 मई को फार्मेसी हड़ताल से हजारों मेडिकल स्टोर बंद, मरीजों की दवाइयों के लिए तलाश जारी

हैदराबाद, 20 मई: तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में 20 मई को फार्मेसी कर्मचारियों की हड़ताल के कारण हजारों मेडिकल स्टोर पूरी तरह से बंद रहे, जिससे मरीजों को आवश्यक दवाइयों की व्यवस्था में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। इस हड़ताल के प्रभाव से शहर के विभिन्न इलाकों में लोगों को दवाइयों के लिए भटकना पड़ा, खासकर उन मरीजों के लिए जो नियमित और तुरंत दवाइयों पर निर्भर हैं।
हालांकि, इस बीच अस्पतालों की फार्मेसियां और कॉर्पोरेट फार्मेसी चेन खुले रहे, जिससे कुछ राहत मिली। अस्पतालों में आपात स्थिति के मरीजों को दवाइयां उपलब्ध कराई गईं, लेकिन निजी मेडिकल स्टोर बंद होने के कारण बाजार में दवाइयों की मांग और आपूर्ति में बड़ा अंतर नजर आया।
फार्मेसी कर्मचारियों की इस हड़ताल का मुख्य कारण कार्यस्थल की बेहतर सुरक्षा, वेतनमान में बढ़ोतरी और काम के अपेक्षित घंटे थे। कर्मचारियों का कहना है कि पिछले कई महीनों से उनकी मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, इसलिए उन्होंने यह कदम उठाया। इस हड़ताल से न केवल मरीज प्रभावित हुए, बल्कि मेडिकल स्टोर संचालकों और दवा निर्माताओं को भी आर्थिक नुकसान हुआ है।
प्रभावित मरीजों के लिए यह दिन मुश्किल भरा रहा क्योंकि कई बूढ़े व बीमार व्यक्ति जरूरी दवाइयां लेने के लिए परेशान हुए। कुछ लोगों ने बताया कि उन्हें अस्पताल फार्मेसियों और कॉर्पोरेट फार्मेसी चेन तक पहुंचना पड़ा, जो दूर होने के कारण असुविधाजनक था।
सरकारी अधिकारियों और फामेसी कर्मचारी संगठन के बीच बातचीत जारी है और आशा जताई जा रही है कि जल्द ही इसका समाधान निकल आएगा ताकि ऐसी अप्रिय स्थिति पुनः उत्पन्न न हो। स्वास्थ्य विभाग ने भी लोगों से अपील की है कि वे इस दौरान अत्यंत आवश्यक दवाइयों के मामले में पहले से तैयारी रखें।
इस प्रकार, 20 मई को हैदराबाद में फार्मेसी हड़ताल ने स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में एक बड़ा विक्षोभ पैदा कर दिया, जो शहर के नागरिकों के लिए चिंता का कारण बना। इस समस्या का शीघ्र समाधान मिलने की उम्मीद है ताकि मरीजों की सुविधा सुनिश्चित हो सके और मेडिकल स्टोर सामान्य रूप से पुनः चालू हो सकें।